Dividend payout ratio क्या हैं? यह Income Investors के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?


Dividend Payout Ratio (DPR) एक मीट्रिक है जिसे प्रत्येक investor को उपयोग करना आना चाहिए। इससे कंपनी से जुड़ी बहुत सारे आंकडो‌ को समझने में आसानी होती हैं लेकिन सबसे पहले समझते हैं कि...


Dividends क्या है?

कई कंपनियों के लिए, लाभांश (dividend) का भुगतान करना गर्व की बात मानी जाती है । कई कंपनियां दशकों से अपने शेयरधारकों (shareholders) को dividend दे रही हैं । Dividend एक reward की तरह है, जिन्हें कंपनियां अपने shareholders को अपनी इक्विटी में निवेश करने के लिए भुगतान करती हैं । कंपनी के लाभ से shareholders को नियमित अंतराल (quarterly/yearly) पर जो राशि भुगतान की जाती है उसे dividend कहा जाता है।


कंपनी के board of directors द्वारा shareholders को dividend देने के लिए एक राशि तय की जाती हैं, वे shareholders को कंपनी के लाभ से कुछ प्रतिशत भुगतान dividend के रूप में देते हैं । हालांकि, प्रत्येक कंपनी के लिए dividend का भुगतान करना अनिवार्य (mandatory) नहीं है । 

Dividend payout ratio क्या हैं? यह Income Investors के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?


Dividend Income कैसे कमाएं?

किसी भी स्टॉक पर dividend प्राप्त करने के लिए, आपको बस एक brokerage a/c (Upstox) के माध्यम से किसी कंपनी के शेयर को खरीदने की जरूरत है जो कंपनी quarterly या yearly अपने shareholders को Dividend का भूगतान करती है । जब dividend का भुगतान किया जाता है, तो राशि स्वचालित रूप से आपके Bank a/c में जमा हो जाएगा । 


Dividend payout ratio इस बात का संकेत देता है कि कोई कंपनी अपने shareholders/investors को कितना पैसा वापस लौटा रही है (dividend के रूप में) Vs कंपनी के growth में पुनर्निवेश (reinvest) करने, ऋण का भुगतान करने, या cash reserves में जोड़ने के लिए कितना पैसा अपने पास रख रही है । 



Dividend Payout Ratio क्या है?

कंपनी शेयर धारकों (shareholders) को जो लाभांश (dividend) देती हैं उसे कंपनी के Net income से विभाजित करने पर जोर अनुपात निकलता है, उसे ही Dividend Payout Ratio (DPR) कहा जाता है।


Dividend Payout Ratio = Dividends / Net Income


यदि एक कंपनी $5 लाख शुद्ध आय (Net Income) कमाती है और अपने shareholders को dividend के रूप में $2.5 लाख का भूगतान करती है तो उसका Dividend Payout Ratio 50% होगा।


उदाहरण के लिए, यदि कंपनी का लाभांश भुगतान अनुपात 20 प्रतिशत है । इसका तात्पर्य यह है कि इसने अपनी कुल कमाई का 20 प्रतिशत shareholders को dividend के रूप में भुगतान किया है जबकि शेष 80 प्रतिशत ने अपने पास रखा है । कमाई का 80 प्रतिशत राशि जिसे लाभांश के रूप में भुगतान नहीं किया गया; का उपयोग कॉर्पोरेट उद्देश्यों जैसे विस्तार (expansion), research and development, ऋण की चुकौती, investments आदि के लिए किया उपयोग जाता है ।  




1) Dividend Payout Ratio, कंपनी द्वारा भविष्य में dividend को बढ़ाने की क्षमता से संबंध रखता है।


एक कंपनी जो अपनी income का ज्यादातर हिस्सा dividend के रूप में दे रहा है, वह कंपनी भविष्य में dividend बढ़ाने के लिए में सक्षम नहीं होगा। 

कंपनी Dividend बढ़ाने का निर्णय लेती हैं और कंपनी का प्रोफिट नहीं बढ़ रहा है तो उस परिस्थिति में उसे कंपनी के खर्चे/ शेयर धारकों को देने वाली राशि (dividend) उसे कम करनी पड़ेगी और जब तक कंपनी की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं हो जाती हैं कंपनी Dividend देना भी बंद कर सकती हैं ।


2) DPR किसी कंपनी के maturity के बारे में बताता है।

  • Low DPR: बिज़नस को बढ़ाने के लिए कंपनी खुद पर re-investment कर रही है। यह कंपनी के बिज़नस बढ़ाने का पहला कदम है। 

  • Medium DPR: कंपनी के वित्तीय स्थिति ठीक है, बिज़नस बढ़ाने के लिए कम पैसों की जरूरत है और अपने shareholders को अधिक dividend का भूगतान कर सकती हैं।

  • High DPR - कंपनी वित्तीय स्थिति सुधारने में सहर्ष कर रहीं हैं, प्रोफिट घट रहा है, भविष्य में dividend बढ़ने की संभावना कम हैं।


Dividend payout ratio हमे क्या बताता है?


Dividend payout ratio किसी कंपनी के बारे में बहुत कुछ जाहिर करते हैं। इसका उपयोग कंपनी के वित्तीय स्थिति की व्याख्या करने में की जाती हैं, सबसे महत्वपूर्ण बात इससे कंपनी की maturity के स्तर का पता चलता है। 

एक नई, कंपनी जिसका उद्देश्य नए उत्पादों का विस्तार/लांच करना है, कंपनी को विकसित करना और नए बाजारों में प्रवेश करना है, इसकी ज्यादातर या सभी कमाई को कंपनी में reinvest करने की उम्मीद की जाती है और कम या शून्य लाभांश होने के लिए इस तथ्य (0 dividend) को नजरअंदाज किया जा सकता है । Dividend payout ratio उन कंपनियों के लिए 0% है जो Dividend का भुगतान नहीं करते हैं और उन कंपनियों के लिए 100% है जो Dividend के रूप में अपनी पूरी net income का भुगतान करते हैं । 


दूसरी ओर, एक पुरानी, प्रतिष्ठित कंपनी अपने शेयरधारकों/निवेशकों को quarterly/yearly पैसा (dividend के रूप में) लौटाती है। कंपनी के ऊपर भरोसा बनाए रखने के लिए वह अपने लाभ का कुछ हिस्सा शेयरधारकों के बीच बांटती है। कंपनी के लिए dividend देना गर्व की बात होती है इससे मार्केट उस कंपनी के बिज़नस पर भरोसा दिखाती हैं। लेकिन कंपनी को dividend देना अनिवार्य नहीं है, इसलिए कभी कभी कंपनियां shareholders के धैर्य का परीक्षण करती है और एक पुरानी, प्रतिष्ठित होने के वावजूद भी कंपनी अपने shareholders को dividend का भुगतान नहीं करती है या बहुत कम dividend का भुगतान करती (जैसे Reliance industries) हैं। 


चूंकि एक कंपनी अपने प्रारंभिक विकास चरण से आगे बढ़ गई है, इसका मतलब है कि high dividend payout ratio से शेयर की कीमतों में तेजी से वृद्धि होने की संभावना नहीं होती हैं । 


Dividend yield और Dividend payout ratio में क्या अंतर है?

Dividend yield: Shareholders को उनके निवेश पर अर्जित रिटर्न की दर (rate of return) को Dividend yield कहा जाता है । यह शेयर के market price से dividend की तुलना करता है । 

Dividend yield एक वित्तीय अनुपात (financial ratio) है जो आपको प्रत्येक शेयर मूल्य (stock price) पर प्राप्त dividend का प्रतिशत बताता है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी के शेयर की कीमत $20 है और प्रति वर्ष $1 का dividend देता है, तो उसकी dividend yield 0.05% होगी । 

Dividend yield = Dividend per share / Market share price.


Dividend Payout Ratio: कंपनी shareholders को जो dividend देती हैं उसे कंपनी के Net income से विभाजित करने पर जोर अनुपात निकलता है, उसे ही Dividend Payout Ratio (DPR) कहा जाता है।


Dividend payout ratio कंपनी की Net Income की तुलना में भुगतान किए गए Dividend की कुल राशि के बीच का अनुपात है; $100  के Net Income में से shareholders को $20 का Dividend भुगतान करने पर कंपनी का Dividend Payout Ratio 0.2 होगा । 

DPR = Total Dividends Paid / Net Income


Dividend Payout Ratio क्यों महत्वपूर्ण है?

Dividend Payout Ratio एक प्रमुख वित्तीय मीट्रिक है जिसका उपयोग कंपनी के Dividend Payout की स्थिरता को निर्धारित करने के लिए किया जाता है । यह किसी कंपनी की कुल net income के सापेक्ष में शेयरधारकों को भुगतान किए गए लाभांश (dividend) की राशि है ।

Dividend Payout Ratio उन investors के बहुत महत्वपूर्ण है जो मेरी तरह Dividend stocks को खरीदने में ज्यादा रुचि रखते हैं। इससे कंपनी के भविष्य का अनुमान भी लगाया जाता है। अगर कंपनी का DPR कम है तो यह माना जाता है कि कंपनी अपने निवेशकों को कम Dividend दे रही है और कंपनी अपने net income का ज्यादातर हिस्सा वापस बिज़नस में reinvest कर रही है और अपने बिज़नस की वृद्धि में ज्यादा पैसे खर्च कर रही है।  

दूसरी तरफ, एक high DPR का मतलब है कि कंपनी अपने व्यवसाय में कम पैसे reinvest कर रही है, जबकि net income का अधिकतर हिस्सा dividend के रूप में भुगतान कर रही है । ऐसी कंपनियां income investors को ज्यादातर को आकर्षित करती हैं जो भविष्य में शेयर की कीमतों में वृद्धि के उम्मीद के साथ वर्तमान में dividends के रूप में Regular income कमाना चाहते हैं।

DPR से पता चलता है कि कोई कंपनी अपनी net income का कितना प्रतिशत shareholders को देता है इससे निवेशकों को Dividend stocks का चुनाव करने में आसानी होती है।





Conclusion:

Dividend payout ratio यह Income Investors के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं इसलिए इसका फोर्मुला याद रखें।

Dividend Payout Ratio Formula: 

Formula 1:
DPR = Total Dividends Paid / Net Income

Formula 2:
DPR = Dividends per Share / Earnings per Share


Dividend payout ratio और Dividend yield का उपयोग ज्यादातर वह लोग करते हैं जो भविष्य में कंपनी के growth के साथ साथ उन्हें उन stocks से dividend के रूप में quarterly या yearly Dividend Income भी चाहिए। मुझे ऐसे stocks पसंद है जिनका Dividend Payout Ratio अधिक है; में ज्यादातर समय Dividend Stocks ही ढुंढता और उनकी रीसर्च करता रहता हूं। क्योंकि high dividend payout का मतलब यह नहीं है कि कंपनी का बिज़नस बढ़िया है। हर stock के पीछे एक बिज़नस होता हैं उस बिज़नस की रिसर्च करने के बाद ही कोई स्टॉक खरीदें। कभी कभी कंपनियां वित्तीय स्थिति छुपाने के लिए अपने निवेशकों को आकर्षित dividend देते हैं ताकि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बना रहे। इसलिए एक अच्छा Dividend Stocks चुनने के लिए आपको कंपनी के बहुत सारे आंकडो‌ को देखना जरूरी होता है।

Dividend investors को long-term में प्रोफिट देने वाली और साथ ही भविष्य में स्टॉक का मूल्य 5% से 15% के बीच वृद्धि का अनुमान वाली कंपनियों की तलाश करनी चाहिए। कंपनियों के पास अपने shareholders को dividend भूगतान करने के लिए आवश्यक नकदी होना चाहिए। निवेशकों को 2.0 से अधिक debt-to-equity ratio वाली कंपनियों से दूर रहना चाहिए ।